अच्छा लगता है!


मुझे तेरी याद में हर शाम जलना अच्छा लगता है,

मुझे मैखाने में हर रात बिताना अच्छा लगता है,

कुसूर तुम्हारा नहीं है मोहब्बत तो मैंने की थी तुमसे,

ये जानते हुए भी की तुम्हे मुझे रुलाना अच्छा लगता है,

फिर भी भूलना नहीं चाहता हूँ तुम्हे क्योंकि ,

मुझे तुम्हारी याद में तड़पना,

अच्छा लगता है।

 

मुझे मैखाने में हर रात बिताना अच्छा लगता है,

मुझे तेरी याद में हर शाम जलना अच्छा लगता है,

जानता हूँ तुम अमानत  हो किसी और की पर,

तुम्हे खुदा से माँगना अच्छा लगता है,

जानता हूँ की तुम मेरी कभी हो नहीं सकती पर,

फिर भी तुम्हे याद करके आँखें भीगा लेना

अच्छा लगता है,

 

मुझे मैखाने में हर रात बिताना अच्छा लगता है,

मुझे तेरी याद में हर शाम जलना अच्छा लगता है,

मुझे तुम्हारे संग बारिश में भीगने का ख़याल अच्छा लगता है,

मुझे तुम्हारी बातें खुद से करना अच्छा लगता है,

रह रह के तुम्हारे ख़याल में खो जाना मुझे,

अच्छा लगता है,

 

मुझे मैखाने में रात बिताना अच्छा लगता है,

मुझे तेरी याद में हर शाम जलना अच्छा लगता है,

मुझे तुम अच्छी लगती हो या,

 फिर तुम्हारा मुस्कुरा कर शर्मा जाना अच्छा लगता है,

नहीं जानता हूँ मैं और ना हीं जाना चाहता हूँ ,

मुझे तो बस तुम्हे देखते रहना अच्छा लगता है

 

                                 -समीर "इंकलाबी"



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