कोशिश की है


 हम ने तुझे कभी नही चाहा
पर तुझे पाने की कोशिश की है,
हम करीब तेरे कभी नही आए
पर पास आने की कोशिश की है ।

तुझे दिमाग मे कभी नही आने दिया
पर दिल मे छुपाने की कोशिश की है,
हालाकि याद रोज़ आते हो तुम
पर तुम्हे हि भूलाने की कोशिश की है ।

हम दूर तुझसे कभी न हो पाएंगे
पर तुझसे हि दूर जाने की कोशिश की है,
हार तो कभी न पाएंगे इस दिल से
पर इस दिल को हाराने की कोशिश की है ।

गिरते है आंसु इस पतझड़ के मौसम में
फिर भी खुद को हँसाने की कोशिश की है,
सच कड़वा है कि चला गया है बसंत
फिर भी इस कड़वे सच को अपनाने की कोशिश की है ।

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Category : Nostalgia    20/06/2017


दोजख कँहा है ?


सवालात फरमाया गया
दोजख कँहा है ?
हाजिर-ए-जवाब आया
जहाँ इस कदर अंधेरा छाया है कि
रवि सहर नही कर पाता
दोजख वहाँ है ।

सवालात फरमाया गया
दोजख कहाँ है ?
हाजिर-ए-जवाब आया
जहाँ अल्ताफ  और नवाज़िस
बेकार और शिफर है
दोजख वहाँ है ।

सवालात फरमाया गया
दोजख कहा है ?
हाजिर-ए-जवाब आया
जहाँ मुसलसल और पासवान
रक़ीब बन जाए
दोजख वहाँ है ।

सवालात फरमाया गया
दोजख कहाँ है ?
हाजिर-ए-जवाब आया
जहाँ उन्स ,लहजा और इनायत
मयस्सर नही है
दोजख वहाँ है ।

सवालात फरमाया गया
दोजख कहाँ है ?
हाजिर-ए-जवाब आया
जहाँ ख्वाब बुनने का हक
फकीर और तंग-हाली को नही
दोजख वहाँ है ।

खुदा ने दोजख बनाया है
तो वह जगह बदस्तूर हि रखे ,
रुख करना  पड़े  वहाँ का हमे
हम ऐसा कोई कर्म न करे ।


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Category : Nostalgia    20/06/2017